Bhagat singh ki jivani in hindi. Bhagat singh jivani in Hindi:( भगत सिंह जीवनी हिंदी में:) 2019-02-22

Bhagat singh ki jivani in hindi Rating: 8,5/10 1923 reviews

भारत के सपूत शहीद भगत सिंह की जीवनी

bhagat singh ki jivani in hindi

क्रांतिकारियों ने साण्डर्स को मारकर लालाजी की मौत का बदला लिया. Comment Thanks for your feedback! ਓਨਾ ਚੋ ਇਕ ਬੋਲਿਆ,,,,,,ਭਗਤ ਜੀ ਸੱਤ ਘੜੀਆਂ ਤਾ ਬੀਤ ਚੱਲੀਆਂ ਨੇ ਓਰ ਬੀਠੁਲ ਜੀ ਹਜੇ ਤੱਕ ਨਹੀਂ ਆਏ। ਭਗਤ ਜੀ ਨੂੰ ਤਾਂ ਬੀਠੁਲ ਹਰ ਜਗਾ ਨਜ਼ਰ ਆਉਂਦੇ ਸੀ ਆਪ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਕਿਸੀ ਡਰ ਦੇ ਭਗਤੀ ਚ ਲੀਨ ਰਹੇ। ਜਿਵੇਂ ਹੀ ਸੱਤ ਘੜੀਆਂ ਖਤਮ ਹੋਈਆਂ ਸਭ ਹੈਰਾਨ ਪਰੇਸ਼ਾਨ ਹੋ ਗਏ। ਜਿਸ ਗਾਂ ਨੂੰ ਬਾਦਸ਼ਾਹ ਨੇ ਭਰੇ ਦਰਬਾਰ ਚ ਤੜਫਾਂ ਤੜਫਾਂ ਮਰਵਾ ਦਿੱਤਾ ਉਹ ਨੋ ਵਰ ਨੋ ਜਿਉਂਦੀ ਖੜੀ ਹੈ ਓਰ ਆਪਣੇ ਬੱਛੜੇ ਨੂੰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਸਹਿਲਾ ਰਹੀ ਐ,,,,,,,, ਭਗਤ ਜੀ ਨੇ ਆਪਣੇ ਹਥੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਚੋਇਆ ਤੇ ਘੜਾ ਭਰ ਦੁੱਧ ਦਾ ਬਾਦਸ਼ਾਹ ਦੇ ਸਾਮਣੇ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। …ਬੀਠੁਲ ਦਾ ਅਜਿਹਾ ਕੌਤਕ ਦੇਖ ਸਭ ਹੱਕੇ ਬੱਕੇ ਰਹਿ ਗਏ। ………ਬਾਦਸ਼ਾਹ ਆਪਣੀ ਕੀਤੀ ਗਲਤੀ ਦਾ ਪਛਤਾਵਾ ਕਰਨ ਲੱਗਾ ਅਤੇ ਭਗਤ ਜੀ ਦੇ ਚਰਨੀਂ ਢੇ ਪਿਆ। ………. सो उन्होने निर्णय लिया कि वह इसके विरोध में संसद में एक धमाका करेंगे जिससे बहरी हो चुकी अंग्रेज सरकार को उनकी आवाज सुनाई दे. Paresh Barai for sharing Bhagat Singh Life History in Hindi Bhagat Singh Jeevani यदि आपके पास Hindi में कोई article, story, essay या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. क्योकि उन्हें लगता था की भगत सिंह की देश को आगे और जरूरत है. उनके पिता और उनके दो चाचा अजीत सिंह तथा स्वर्ण सिंह भी अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई का एक हिस्सा थे. The British must quit India and make her free.

Next

Bhagat Singh Biography In Hindi

bhagat singh ki jivani in hindi

इस लाठी चार्ज में लाला लाजपतराय बुरी तरह घायल हो गए जिसकी वजह से 17 नवम्बर, 1928 को लालाजी का देहान्त हो गया. Read: भगतसिंह का बचपन भगतसिंह जब चार-पांच वर्ष के हुए तो उन्हें गांव के प्राइमरी स्कूल में दाखिला दिलाया गया. भगतसिंह के पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम सरदारनी विद्यावती कौर Sardarni Vidyavati Kaur था. लगभग 200 साल होने जा रहे हैं, इस मर्दानी के जन्म लिए…. Bhagat Singh भगत सिंह Quote 3: If the deaf are to hear, the sound has to be very loud. We have bombed the British Government.


Next

Amitabh Bachchan Jivani in Hindi

bhagat singh ki jivani in hindi

पहले पुत्र की असमय मृत्यु और फिर माँ न बनने का दुःख सहने के बावजूद यह वीरांगना अपने कर्तव्य पथ से एक पल के लिए भी नहीं डिगी. लेकिन हर गुजरते दिन के साथ झाँसी की रानी की प्रासंगिकता कम होने के बजाए बढ़ती हीं जा रही है. भगत सिंह और उनके साथियो ने इस अत्याचार के खिलाफ आमरण अनशन — भूख हड़ताल का आव्हान किया. In Hindi: ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो। यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था. ये बहुत ही दमनकारी क़ानून थे और सरकार इन्हें पास करने का फैसला कर चुकी थी. चंद्रशेखर आजाद के दल में शामिल होने के बाद कुछ ही समय में भगत सिंह उनके दल के प्रमुख क्रन्तिकारी बन गए.

Next

Bhagat singh jivani in Hindi:( भगत सिंह जीवनी हिंदी में:)

bhagat singh ki jivani in hindi

भारत के सपूत शहीद भगत सिंह की जीवनी — दोस्तों आप सब भारत माँ के लाल भारत माँ के सपूत और हिन्दुस्तान के महान क्रन्तिकारी देश भक्त सरदार भगत सिंह को जानते ही है. भगत सिंह और बटुकेश्र्वर दत्त को आजीवन कारावास मिला. दो हफ़्तों की लडाई के बाद अंग्रेजी सेना ने शहर पर कब्जा कर लिया. यहाँ तक की उनके जन्म के समय उनके पिता जेल में थे. हालात ऐसे हो गए कि सिख होने के बाद भी भगतसिंह को केश और दाढ़ी काटनी पड़ी.

Next

शहीद

bhagat singh ki jivani in hindi

But I can renounce all at the time of need, and that is the real sacrifice. जिस समय भगत सिंह का जन्म हुआ उस समय ही उनके पिता एवं चाचा को जेल से रिहा किया गया था. Career bachchan ne filmo me apane Career ki shuruat khvaza ahamad abas ke nirdesha me bani sat hindustani ke saat kalakaro me ek kalakar ke roop me ki, utpal datt, madhu aur jalal aaga jaise kalakaro ke saath abhinay kar ke. Bhagat Singh भगत सिंह Quote 15: Merciless criticism and independent thinking are the two necessary traits of revolutionary thinking. In Hindi: क़ानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे.

Next

हुतात्मा भगतसिंग जीवनी

bhagat singh ki jivani in hindi

एक गोली राजगुरु ने सॉन्डर्स के कन्धे पर मारी फिर भगत सिंह ने सॉन्डर्स को तीन — चार गोलिया मारी. उन्हें स्कूल की चारदीवारी में बैठना अच्छा नहीं लगता था बल्कि उनका मन तो हमेशा खुले मैदानों में ही लगता था. इसी क्लब के माध्यम से भगतसिंह ने देशभक्तिपूर्ण नाटकों में अभिनय भी किया. भगतसिंह का जीवन भारत की आजादी के इतिहास में अमर शहीद भगत सिंह का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है. इस भेंट के माध्यम से वे बटुकेश्वर दत्त और चन्द्रशेखर आजाद के संपर्क में आए.

Next

Bhagat Singh Koshyari Ki Jivani Archives

bhagat singh ki jivani in hindi

की उन्होंने कैसे अपनी भारत माँ के लिए अपनी जान की क़ुरबानी दी और अपने देश को स्वतंत्र बनाने में एक अहम भूमिका निभाई तो आज हम ऐसे महान व्यक्तित्व का जीवन परिचय देखेंगे. Jeal me bhagat singh ne karib 2 saal rhe. भारत के सपूत शहीद भगत सिंह और उनके दोनों साथी राजगुरु और सुखदेव को फांसी — देश की आजादी के लिए अपनी जान की परवाह किये बिना लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु, और सुखदेव को 23 मार्च 1931 की शाम करीब सात बजकर 33 मिनिट पर फांसी दे दी गयी भगत सिंह की फांसी के दिन उनकी उम्र 23 वर्ष 5 माह और 23 दिन थी, और उन्हें जिस दिन फांसी दी गयी, उस दिन भी तारीख 23 थी. भगतसिंह की दादी ने बच्चे का नाम भागां वाला अच्छे भाग्य वाला रखा. भगतसिंह अपने दोस्तों के बीच बहुत लोकप्रिय थे. Bhagat Singh भगत सिंह Quote 12: …by crushing individuals, they cannot kill ideas.

Next

शहीद भगत सिंह की जीवनी

bhagat singh ki jivani in hindi

दोस्तों भगत सिंह के 5 भाई थे — रणवीर, कुलतार, राजिंदर, कुलबील, जगत और तीन बहने प्रकाश कोर, अम्र कोर एवं शकुंतला कोर थी. एसेम्ब्ली में फेके गए बम के धमाकों की गूंज ब्रिटेन की महारानी के कानो तक भी पहुंची. In Hindi: किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजी, कमाल पाशा और राजा खान , वाशिंगटन और गैरीबाल्डी , लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है। Bhagat Singh भगत सिंह Quote 11: Man acts only when he is sure of the justness of his action, as we threw the bomb in the Legislative Assembly. असहयोग आंदोलन से प्रभावित छात्रों के लिए लाला लाजपतराय ने लाहौर में नेशनल कॉलेज की स्थापना की थी. दोस्तों हम हर साल आजादी का दिवस मनाते है , क्योकि हमे पता ही नहीं की हमे आजादी हमे किस तरह मिली हमे आजादी मिली भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदानो से और उन्होंने उस समय अपने देश की आजादी के लिए कितना त्याग किया कितनी यातनाये सहन करी अपने परिवार को छोड़ा क्या हम आज इस दौर में उनके जैसा त्याग कर सकते है क्या हम 2 महीने बिना खाना खाये रह सकते है, मित्रो हम दो महीने तो क्या दो दिन भी भूखे नहीं रह सकते हमारी आँखों में आँसू आजाते है. . अंग्रेजों ने भगतसिंह को तो खत्म कर दिया पर वह भगत सिंह के विचारों को खत्म नहीं कर पाए जिसने देश की आजादी की नींव रख दी.

Next

Essay on Bhagat Singh

bhagat singh ki jivani in hindi

This site uses Akismet to reduce spam. चारो तरफ एक अजीब सा सनाटा छा गया। अमर और वजीर हसने लगे और भगत जी के साथी एक दूसरे के चेहरे देखने लगे। भगत जी बोले यह सारी कुदरत मेरे बिठुल की रज़ा में गतीमान है। गाए को मारना बिठुल के हाथ में।,,,गाए को जीवत रखना बिठुल के हाथ में ,,,,,,जो मेरे बिठुल को अच्छा लगेगा वही होगा ,,जैसी बिठुल की रज़ा ,,,,,,तेरे मेरे हाथ में कुछ नहीं है। bhagat namdev ji history इससे पहले भगत जी कुछ बोलते ,,,,,,, जाओ तुम्हे सात घडिओ की मोहलत दी। इन सात घडिओ में अपने बिठुल को बोल कर मृत गाए को ज़िंदा करवा और अपनी भूल की माफ़ी मांग ,,,,,,,बादशाह बोला देखते ही देखते कसाईओ ने सभी के सामने गाए को तड़फा तड़फा हलाल कर दिया। यह सभ देख भगत जी का मन पसीज गया मन बेराग से भर गया और आप बिठुल की रज़ा मान कर भगति में जुड़े रहे। सिपाईओ ने भगत जी को जंजीरो में कैद कर लिया और हाथ खुले शोड दिए खरतालो को बजाने के लिए ,,,,,, उधर जब भगत जी की माता को इस बात का पता चला तो वह भगत जी को मिलने आए। भगत जी के माता ने कहा बिठुल का नाम छोड़ अल्लाह अल्लाह बोल लो। भगत जी बोले माता जी बिठुल और अल्लाह में कोई अंतर् नहीं है। अंतर है तो इन लोगो की नज़रो में। माता जी भी भगत जी के आगे कुछ बोल नहीं सके और वापस लोट गए। बिठुल,,,,,,,,,,,,बिठुल,,,,,,,,,,,,बिठुल,,,,,,,,,,करते समय बहुत तेजी से गुज़रा। भगत जी के साथ जो साथी आए थे वह भी घबराने लगे। उनमे से एक बोला ,,,,,,,भगत जी सात घड़िआ तो बीतने को है और बिठुल जी अभी तक नहीं आए। भगत जी को तो बिठुल हर ज़रे में नज़र आ रहे थे आप बिना किसी डर के भगति में लीन रहे। जैसे ही सात घड़िआ खत्म हुई सब हैरान परेशान हो गए। जिस गाए को बादशाह ने भरे दरबार में तड़फा तड़फा कर मरवा दिया वह ज़िंदा खड़ी है और अपने बछड़े को सहला रही है ,,,,,,, भगत जी ने अपने हाथो से गाए का दूध निकाला और एक मटका भर बादशाह के सामने लिज़ाकर रख दिया। ……बिठुल का ऐसा कौतक देख सब परेशान हो गए। अमीर और वजीरों के चहरो के रंग बदल गए। ,,,,,,,,बादशाह को अपनी भूल का अफ़सोस हुआ और वह अपनी भूल की माफ़ी भगत जी से मांगने लगा। ,,,,,,,,,,लेकिन भगत जी पर इस सब का कोई असर नहीं हुआ। आप ,बिठुल ऊपर कभी भी शक नहीं कर सकते थे आप ,बिठुल की भगति में ही लीन रहे। ऐसे करनी के और इतने प्यारे थे ,बिठुल को ,बिठुल के नामदेव जी। ……………. भगतसिंह का जन्म 28 सितम्बर, 1907 को पंजाब के जिला लायलपुर Lyallpur district में बंगा गांव जो अब पाकिस्तान में है में हुआ था. और उनकी मृत्यु हो गयी. एसेम्ब्ली में फेके गए बम बड़ी सावधानी से खाली जगह का चुनाव कर के फेके गए थे.

Next