Poem on god in hindi. Poem on God 2019-02-26

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Hindi love poems on God

poem on god in hindi

मगर मैया तू तो अंग्रेजी-फ्रेंच-पुर्तगीज चाइनीज और जापानी सब कुछ समझ लेती ही है नेल्सन मंडेला के यहाँ से लोग-बाग आते ही रहते हैं. अतीत घूमता है किसी चलचित्र-सा गाल से होकर टपकते आँसुओं में बहने लगते हैं कितने ही बिम्ब! Her last name as More before he married her. There are noble Christian workers, The men of faith and power, The overcoming wrestlers Of many a midnight hour; Prevailing princes with their God, Who will not be denied, Who bring down showers of blessing To swell the rising tide. Oh, what needless pain we bear! Convince us of our sin; Then lead to Jesus' blood, And to our wondering view reveal The secret love of God. तेरे घर के द्वार बहुत हैं, किसमें हो कर आऊं मैं? A prayer applicable to all. Psa 65:5, Act 14:22 I asked the Lord that I might grow In faith, and love, and every grace; Might more of his salvation know, And seek more earnestly his face.

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A Hymn To God The Father Poem by John Donne

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Then shall we sing of sovereign grace And feel its power within; And glory in our Surety, Christ, Who bore our curse and sin. Does faith begin to fail; is hope departing, And think you all in vain those falling tears? Of course, if such a being were to show itself, that would answer all our questions. Crosby and music by William H. Holy Spirit, breath on me, Until, my heart is clean; Let Sunshine fill its in most part, With not a cloud between. इंदुमती के मृत्यु शोक से अज रोया या तुम रोये थे? Seekh hawa kay chonkom say lo, Komal-komal bahna. Prayer and its Remarkable Answers, William Patton p 75 + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + The Lord Has Heard and Answered Prayer The Lord has heard and answered prayer and saved his people in distress; this to the coming age declare, that they his holy name may bless.

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God Hindi Poems

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There let it for Thy glory burn With inextinguishable blaze, And trembling to its source return, In humble prayer and fervent praise. This carries us into the very heavenlies, as also do the words: Holy, holy, holy, Lord God Almighty, All Thy works shall praise Thy name In earth, and sky, and sea. Who are the blessed ministers Of this world-gathering band? Copyright © Year Posted 2016 Short God poem by Noble- Throughly in glory! हम अंजना अंजन जी को बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनायें देते है और उम्मीद करते है की उनकी कवितायेँ आगे भी इस ब्लॉग पर प्रकाशित होंगी. जल शिशु की चंचल क्रीड़ा-सा जैसे सरसिज दल पर । लालसा निराशा में दलमल वेदना और सुख में विह्वल यह क्या है रे मानव जीवन! I am struck by the human dramas that are enacted in these poems, the deep encounters that often shatter the participants and occasionally restore them. इतने में अकस्मात गिरते हैं भीतर से फूले हुए पलस्तर, खिरती है चूने-भरी रेत खिसकती हैं पपड़ियाँ इस तरह - खुद-ब-खुद कोई बड़ा चेहरा बन जाता है, स्वयमपि मुख बन जाता है दिवाल पर, नुकीली नाक और भव्य ललाट है, दृढ़ हनु कोई अनजानी अन-पहचानी आकृति। कौन वह दिखाई जो देता, पर नहीं जाना जाता है! । अमृतसर जलियान बाग का घाव भभकता सीने पर, देशभक्त बलिदानों का अनुराग धधकता सीने पर, गली नालियों का वह जिंदा रक्त उबलता सीने पर, आंखों देखा जुल्म नक्श है क्रोध उछलता सीने पर, दस हजार के बदले तेरे तीन करोड़ बहाऊंगा, जब तक तुझको. विजयी मेरा शाश्वत प्यार ।। 'बहिन! Could my heart so hard remain, Prayer a task and burden prove; Every trifle give me pain, If I knew a Savior's love? Scarce an hour but pilgrims see They from danger are not free; In some unexpected way, Something fills them with dismay.

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कविताएं

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Here may we prove the power of prayer To strengthen faith, and sweeten care; To teach our faint desires to rise, And bring all heaven before our eyes. अब तक अंगारों से। अंगार, विभूषण यह उनका विद्युत पीकर जो आते हैं, ऊँघती शिखाओं की लौ में चेतना नयी भर जाते हैं। उनका किरीट, जो कुहा-भंग करके प्रचण्ड हुंकारों से, रोशनी छिटकती है जग में जिनके शोणित की धारों से। झेलते वह्नि के वारों को जो तेजस्वी बन वह्नि प्रखर, सहते ही नहीं, दिया करते विष का प्रचण्ड विष से उत्तर। अंगार हार उनका, जिनकी सुन हाँक समय रुक जाता है, आदेश जिधर का देते हैं, इतिहास उधर झुक जाता है। - मैथिलीशरण गुप्त Mathilishran Gupt उस काल मारे क्रोध के तन कांपने उसका लगा, मानों हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा। मुख-बाल-रवि-सम लाल होकर ज्वाल सा बोधित हुआ, प्रलयार्थ उनके मिस वहाँ क्या काल ही क्रोधित हुआ? Holy Spirit, breath on me, Fill me with power divine; Kindle a flame of love and zeal, Within this heart of mine. नहीं ही दीखता, किंतु वह रहा घूम तिलस्मी खोह में गिरफ्तार कोई एक, भीत-पार आती हुई पास से, गहन रहस्यमय अंधकार ध्वनि-सा अस्तित्व जनाता अनिवार कोई एक, और मेरे हृदय की धक्-धक् पूछती है - वह कौन सुनाई जो देता, पर नहीं देता दिखाई! O how sweet to be there! ए, काशी विश्वविद्यालय की यह रचना लाहौर से प्रकाशित 'खरी बात' में 1935 में प्रकाशित हुई थी। - भारत-दर्शन संकलन Collections पैदा हुआ उसी दिन, जिस दिन बापू ने था जन्म लिया भारत-पाक युद्ध में जिसने तोड़ दिया दुनिया का भ्रम। - कमला प्रसाद मिश्र Kamla Prasad Mishra मैं अपनी कविता जब पढ़ता उर में उठने लगती पीड़ा मेरे सुप्त हृदय को जैसे स्मृतियों ने है सहसा चीरा - कमला प्रसाद मिश्र Kamla Prasad Mishra उमड़ा करती है शक्ति, वहीं दिल में है भीषण दाह जहाँ है वहीं बसा सौन्दर्य सदा सुन्दरता की है चाह जहाँ उस दिव्य सुन्दरी के तन में उसके कुसुमित मृदु आनन में इस रूप राशि के स्वप्नों को देखा करता था शाहजहाँ - रामधारी सिंह दिनकर Ramdhari Singh Dinkar झंझा सोई, तूफान रूका, प्लावन जा रहा कगारों में; जीवित है सबका तेज किन्तु, अब भी तेरे हुंकारों में। - रघुवीर सहाय Raghuvir Sahay निर्धन जनता का शोषण है कह कर आप हँसे लोकतंत्र का अंतिम क्षण है कह कर आप हँसे सबके सब हैं भ्रष्टाचारी कह कर आप हँसे चारों ओर बड़ी लाचारी कह कर आप हँसे कितने आप सुरक्षित होंगे मैं सोचने लगा सहसा मुझे अकेला पा कर फिर से आप हँसे - गजानन माधव मुक्तिबोध Gajanan Madhav Muktibodh - रघुवीर सहाय Raghuvir Sahay राष्ट्रगीत में भला कौन वह भारत-भाग्य विधाता है फटा सुथन्ना पहने जिसका गुन हरचरना गाता है। मख़मल टमटम बल्लम तुरही पगड़ी छत्र चंवर के साथ तोप छुड़ाकर ढोल बजाकर जय-जय कौन कराता है। पूरब-पच्छिम से आते हैं नंगे-बूचे नरकंकाल सिंहासन पर बैठा, उनके तमगे कौन लगाता है। कौन-कौन है वह जन-गण-मन- अधिनायक वह महाबली डरा हुआ मन बेमन जिसका बाजा रोज बजाता है। - रघुवीर सहाय Raghuvir Sahay तोड़ो तोड़ो तोड़ो ये पत्थर ये चट्टानें ये झूठे बंधन टूटें तो धरती को हम जानें सुनते हैं मिट्टी में रस है जिससे उगती दूब है अपने मन के मैदानों पर व्यापी कैसी ऊब है आधे आधे गाने - भवानी प्रसाद मिश्र Bhawani Prasad Mishra जी हाँ हुज़ूर मैं गीत बेचता हूँ मैं तरह-तरह के गीत बेचता हूँ मैं क़िस्म-क़िस्म के गीत बेचता हूँ - महावीर प्रसाद द्विवेदी Mahavir Prasad Dwivedi महावीर प्रसाद द्विवेदी की कविताएं - भारत-दर्शन संकलन Collections कभी कभी खुद से बात करो, कभी खुद से बोलो । अपनी नज़र में तुम क्या हो? And never through those crystal walls The clash of life can pierce its way, Nor ever can a human ear Drink in the spirit-words I say. A family that prays knows that they can turn to God and be accepted and loved for who they are. We should never be discouraged: take it to the Lord in prayer! What heart so clean, so pure within, That needeth not some check from sin.

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Hindi love poems on God

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Will ye not join the blessed ranks In their beautiful array? ताता गोदरेजवाली पारसी सेठों की बोली? Copyright © Year Posted 2019 Short God poem by Pious pies pilot pineapples to pricey plights Copyright © Year Posted 2013. My Lord, I kneel with reverent love and fear, For Thou art here. Life Abiding and Abounding, W. And yet, O helpless heart! Come Thou and visit me; I am alone! स्वर्गीय भावों से भरे ऋषि होम करते थे जहाँ, उन ऋषिगणों से ही हमारा था हुआ उद्भव यहाँ ।। १८ ।। - रामावतार त्यागी Ramavtar Tyagi गूंजी थी मेरी गलियों में, भोले बचपन की किलकारी । छूटी थी मेरी गलियों में, चंचल यौवन की पिचकारी ॥ - रामधारी सिंह दिनकर Ramdhari Singh Dinkar खण्ड तीन - भारत-दर्शन संकलन Collections हम भारतीयों का सदा है, प्राण वन्देमातरम् । हम भूल सकते है नही शुभ तान वन्देमातरम् । । देश के ही अन्नजल से बन सका यह खून है । नाड़ियों में हो रहा संचार वन्देमातरम् । । स्वाधीनता के मंत्र का है सार वन्देमातरम् । हर रोम से हर बार हो उबार वन्देमातरम् ।। घूमती तलवार हो सरपर मेरे परवा नही । दुश्मनो देखो मेरी ललकार वन्देमातरम् ।। धार खूनी खच्चरों की बोथरी हो जायगी । जब करोड़ों की पड़े झंकार वन्देमात रम् ।। टांग दो सूली पै मुझको खाल मेरी खींच लो । दम निकलते तक सुनो हुंकार वन्देमात रम् । । देश से हम को निकालो भेज दो यमलोक को । जीत ले संसार को गुंजार वन्देमात रम् ।। - रीता कौशल आँखें बरबस भर आती हैं, जब मन भूत के गलियारों में विचरता है । सोच उलझ जाती है रिश्तों के ताने-बाने में, एक नासूर सा इस दिल में उतरता है । - सुशांत सुप्रिय बरसों बाद लौटा हूँ अपने बचपन के स्कूल में जहाँ बरसों पुराने किसी क्लास-रूम में से झाँक रहा है स्कूल-बैग उठाए एक जाना-पहचाना बच्चा - द्वारिकाप्रसाद माहेश्वरी उठो धरा के अमर सपूतो पुनः नया निर्माण करो। जन-जन के जीवन में फिर से नई स्फूर्ति, नव प्राण भरो। - रबीन्द्रनाथ टैगोर Rabindranath Tagore अनसुनी करके तेरी बात न दे जो कोई तेरा साथ तो तुही कसकर अपनी कमर अकेला बढ़ चल आगे रे-- अरे ओ पथिक अभागे रे । - भवानी प्रसाद मिश्र Bhawani Prasad Mishra कलम अपनी साध और मन की बात बिल्कुल ठीक कह एकाध। - भारत-दर्शन संकलन Collections फांसी का झूला झूल गया मर्दाना भगत सिंह । दुनियां को सबक दे गया मस्ताना भगत सिंह ।। फांसी का झूला. यहाँ नहीं लज्जा का योग भीख माँगने का है रोग पेट बेचते हैं हम लोग लोगे मोल? उमड़ा स्नेह-सिन्धु अन्तर में, डूब गयी आसक्ति अपार । देह, गेह, अपमान, क्लेश, छि:! He embrace his devotees who ever pray him and give them protections He destroys the ill nature in man and he grows heavenly light in their heart to the emergence of divine nature in man Not only Lord Shiva, gives immense freedom to his devotees to choose whatever path they want to follow but also shows the way to live happily 'Om Namasivaya' is the great spell to get bless from him. To heave O let me lift my eyes, And hourly watch and pray. Spurgeon + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + To stretch my hand and touch Him, Though He be far away; To raise my eyes and see Him Through darkness as through day: To lift my voice and call Him-- This is to pray! Before he called the Twelve to Him, He prayed all night alone, And when the day began to dawn, He chose them for His own.

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[हिंदी कविता] [Mother's Day] Inspirational Hindi Poem #13

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।।४।। आँख अगर कोई दिखलावे उसका दर्प-दलन हो जावे । फल अपने कर्मों का पावे बने नामनि शेष ।। जै जै. Poor bankrupt souls, who feel and know The hell of sin within, Come boldy to the throne of grace; The Lord will take you in. Reitzd; copyright 1925, renewal Broadman Press. अविरत दुख है उत्पीड़न, अविरत सुख भी उत्पीड़न; दुख-सुख की निशा-दिवा में, सोता-जगता जग-जीवन! Copyright © Year Posted 2019 Short God poem by Loyalty One self Virtuous Eternity Copyright © Year Posted 2013 Short God poem by Hear me I initiate I give Love Lord Copyright © Year Posted 2013 Short God poem by Pointing - Rich not poor or such!. Kent A Selection of Hymns for Public Worship, William Gadsby, 1132 + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + + Between Prayer and Sermon. Because you healed my heart when it was thrown and shattered.


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Prabhu ki mahima

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Vain is the question,--Christ was man in need, And being man his duty was to pray. For thou, within no walls confined, Inhabitest the humble mind; Such ever bring thee where they come, And going, take thee to their home. Sleigh is the author of several books of poetry, including House of Fact, House of Ruin Graywolf Press, 2018 ; Station Zed Graywolf Press, 2015 ; Army Cats Graywolf Press, 2011 , winner of the John Updike Award from the American Academy of Arts and Letters; Space Walk Houghton Mifflin, 2007 , winner of the Kingsley Tufts Award; and Far Side of the Eart h Houghton Mifflin, 2003 , winner of an Arts and Letters Award from the American Academy of Arts and Letters. Hardly, sure, can they be worse, Who have never heard His name. First for the near and dear ones Is that fair ministry, Then for the poor black children, So far beyond the sea.

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[हिंदी कविता] [Mother's Day] Inspirational Hindi Poem #13

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Meaning of the Poem: Just as much as we need our parents, during our childhood, they need us during their old age. सब तुम क्या इसने पौरुषहीन? The three awake can rouse a town, By turning the whole place upside down. O keep me in the heavenly way, And bid the tempter flee; And let me never, never stray, From happiness and thee. I might as well kneel down, and worship gods of stone, As offer to the living God, a prayer of words alone. I cried to thee and thou dist save, thy word of grace new courage gave; the kings of earth shall thank thee, Lord, for they have heard thy wondrous word; yea, they shall come with songs of praise, for great and glorious are thy ways.

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